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हर समाज के लिए विचारणीय:

*🙏🏻हर समाज के लिए विचारणीय:🙏🏻* (1) आज काफी लड़कियों के माँ- बाप अपनी बेटियों की शादी में बहुत विलंब  कर रहे हैं। उनको अपने बराबरी के रिश्ते पसंद नहीं आते और जो बड़े घर पसंद आते हैं उनको लड़की पसंद नहीं आती। शादी की सही उम्र 22 से 27 तक है पर आज माँ-बाप ने और अच्छा करते-करते उम्र 30 से 36 कर दी है । जिससे उनकी बेटियों के चेहरे की चमक भी कम होती जाती है । और अधिक उम्र में  शादी होने के उपरांत वो लड़का उस लड़की को वो प्यार नहीं दे पाता जिसकी  हकदार वो लड़की है । किसी भी समाज में 30% डिवोर्स की वजह यही दिखाई दे रही है । आज जीने की उम्र छोटी हो चुकी है। पहले की तरह 100+ या 80+ नहीं होती। अब तो केवल 65+ तक जीने को मिल पायेगा। इसी वजह से आज लड़के उम्र से पहले ही बूढ़े नजर आते हैं, सर गंजा हो जाता है ।     (2) आज ज्यादातर लड़की वाले लड़के वालों को वापस हाँ /ना का जवाब नहीं दे रहे हैं। संभवत: कुछ लोग मन में आपको बुरा-भला बोलते होंगे। आप अपनी लाडली का घर बसाने निकले हैं, किसी का अपमान करना अच्छा नही होता। कृपया आप लड़के वालों से सम्मान जनक जरूर बात करें।     ...

गरमा गरम खबर व्हाट्सएप फेसबुक टि्वटर नए नियम लागू

कल से नये communication  नियम लागु होने वाले है :- 1.सभी call recording होंगे  2.सभी call recording saved होंगे 3.Whatsapp, Facebook, Twitter, और सभी Social media सभी monitored होंगे  4.जो ये नहीं जानते उन सभी को  इत्तला  (inform) कर दीजिये 5.आपकी Devices को मन्त्रालय systems से जोड दिया जायेगा 6.ध्यान दीजिये कोई भी गलत message किसी को भी मत भेजिये 7.अपने बच्चों, भाइयों, रिश्तेदारो, दोस्तों,परिचितो,सभी को इत्तला ( inform ) कर दो कि इन सबसे ध्यान रखे और social sites को संयम से चलाये  8.कोई post या video..आदि जो आप recieve करते हो राजनीति या वर्तमान स्थिति पर सरकार या प्रधानमंत्री के खिलाफ    उसे Send मत करो 9.इस समय किसी राजनीतिक या धार्मिक मुद्दे पर कोई Message लिखना या भेजना अपराध है .....ऐसा करने पर बिना वारंट के गिरफ़्तारी हो सकती है | 10.Police एक नोटिफ़िकेशन निकालेगी ....फ़िर Cyber अपराध... फ़िर action लिया जायेगा 11.यह बहुत ही गम्भीर है please आप सभी, group members, admins ,...इस विषय पर गहराइ से सोचिये  12.ध्यान रख...

दादी के नुस्खे, देसी आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे in Hindi (Top10,step by step)जोड़ों का दर्द, सूजन,कान का दर्द

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दादी  के नुस्खे, देसी आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे ..in Hindi  लाल मिर्च  अन्य भाषा में उनके नाम   संस्कृत - कटु  बांसा  हिंदी - लाल मिर्च  बंगाली - लंका , छाला , मराठी - लाल मिर्च  अरबी - अजना पाया   अंग्रेजी - रेड चिल्ली  परिचय लाल मिर्ची से सभी परिचित हैं यह साग सब्जी में डाले जाने वाले मसाले में भी प्रमुख हैं लाल मिर्ची के बारे में आमतौर पर यह धारणा है कि हमारी पाचन क्रिया को बढ़ाती है परंतु लाल मिर्च पाचन क्रिया और पेट के लिए लाभकारी है लाल मिर्च का पेड़ छोटा होता है इसका पत्तियां नुकीली होती है इसके फल पहले हरी होती हैं और पकने के बाद यह लाल हो जाते हैं मिर्ची दो प्रकार की होती है हरी मिर्ची वह काली मिर्ची हरी मिर्ची पकने पर पौधे पर ही लाल हो जाते हैं तथा सूखने पर उसका रंग सुर्ख लाल हो जाते हैं यह मिर्ची शाक सब्जियों में सर पर आपन लाने के लिए डाली जाती है लाल मिर्च सस्ती व सुलभ होती है जबकि काली मिर्च महंगी होती है  प्रयोग लाल मिर्च में कैरोटीन और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है भोजन के...

आयुर्वेदिक टिप्स घरेलू नुस्खे

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                                                             अमलतास  अन्य भाषा में उनके नाम संस्कृत - चतुर गुल,राज वृक्ष, कृत माल हिंदी - अमलतास, धन बहेड़ा      परिचय यह पूरे देश में सभी जगह पाया जाता है मार्च अप्रैल के महीने में यह वृक्ष की पत्तियां झड़ जाती है इसके बाद इन पत्तियां और फूल प्रायः साथ ही निकलते हैं इसके बाद इसमें कलियां लगती हैं जो डेढ़ से 2 फीट लंबी गोलवा नुकीली होती है अर्थात वर्षभर लटकती रहती है      प्रयोग इसका प्रयोग उधर सुखी खांसी  मुख पार्क उदर शूल आदि रोगों में किया जाता है विभिन्न रोग व उपचार कब्ज  इसके फलों का गुलकंद  आंत्र रोग सूक्ष्म ज्वार एवं कोस्टबद्धता में लाभदायक है  सुख प्रसव अमलतास की 4-5 कली की 25 ग्राम छिलकों को घोलकर उसमें शक्कर मिलाकर छान कर गर्भवती स्त्री को सुबह शाम पिलाने से बच्चा सुख से पैदा होता  है   कुष...

हर्बल टिप्स घरेलू नुस्खे

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अपामार्ग ( चिरचिटा ) अन्य भाषा में इनके नाम   संस्कृत में - अपामार्ग सीकरी हिंदी में - चिरचिटा लटजीरा                 परिचय अपामार्ग का पौधा खेतों में घास के साथ पर आया पाया जाता है यह सुख स्थानों पर पैदा होता है यह पौधा लगभग 2 से 4 फुट ऊंचा होता है इसकी दो किस में पाई जाती है लाल और सफेद लाल अपामार्ग के डंठल लाल और उन पर लाल रंग का दाग होते हैं जबकि सफेद अपामार्ग के डेंटल हरे रंग का होता है जिन पर सफेद भूरे रंग के दाग होते हैं इस पर शक्ति और कुछ गोल आकार के फल उगते हैं|                  प्रयोग अपामार्ग का प्रयोग गंजापन दूर करने, तीली का आकार सामान्य करने, खांसी चर्म आदि में आदि में किया जाता है विभिन्न रोग व उपचार स्वप्नदोष अपामार्ग की जड़ का चूर्ण और मिश्री बराबर की मात्रा में मिलाकर रोजाना एक चम्मच की मात्रा में दिन में 2-4 बार सेवन करने से स्वप्नदोष समाप्त हो जाता है गंजापन अपामार्ग के पत्तों को जलाने के बाद सरसों के तेल में मसल मसले इस प्रकार मरहम तैयार ह...

हर्बल टिप्स घरेलू नुस्खे

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असगंध अन्य भाषाओं में उनके नाम   संस्कृत में - अश्वगंधा   हिंदी में - असगंध   अंग्रेजी में - विंटर चेरी                                 परिचय असगंध भारत का एक सुप्रसिद्ध औषधीय पौधा है, यह देश के शुष्क व गर्म क्षेत्रों में आमतौर से होता है , इसका पौधा हरा भरा शकीला और आधे से एक या सवा मीटर की ऊंचाई वाला तथा देखने में अत्यंत आकर्षक होता है, असगंध की जड़ आमतौर पर पतली पेंसिल या उसके भी कम ज्यादा मोटाई में काफी लंबी निकलती है, जड़ की उत्तरी भाग धूसर होता है तोड़ने पर यह अंदर से सफेद दिखाई देती है इसकी ताजी जड़ से घोड़े के मूत्र की तरह तेज गंध आती है इसलिए इसको अश्वगंधा या असगंध कहा जाता है अधिकतर असगंध की जड़ दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है                                 उपयोग असगंध एक अत्यंत उपयोगी औषधि है इसका प्रयोग मुख्यतः शरीर को पुष्ट एवं बलवान बनाने के लिए किया जाता है असगंध की मू...

herbal Tips

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हर्बल चिकित्सा              अर्जुन अन्य भाषाओं में इसके नाम     संस्कृत - इंद्र,वीरवृक्ष,ककुभ     हिंदी - अर्जुन   परिचय:-          अर्जुन का वृक्ष पाया समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है विशेष रूप से मुंबई व मद्रास के जंगलों उत्तर प्रदेश बिहार हिमालय की तराई वाले क्षेत्र और मध्य भारत में यह अधिक पाया जाता है बाग बगीचा एवं सड़कों के किनारे इसके वृक्ष लगाए जाते हैं इसके पेड़ों की ऊंचाई लगभग 60 से 80 फुट तक होती है इसका तनाव काफी मोटा होता है इस विशाल वृक्ष की ऊपरी छाल सफेद सी होती है   किंतु अंदरूनी छाल मोती और गुलाबी रंग की होती है यदि इससे कांटा जाए तो इसमें से दूधिया रस निकलता है आमतौर से वृक्ष की छाल का यही औषधियों में प्रयोग  होता है                प्रयोग  अर्जुन की छाल के चूर्ण को खाने या उसका क्वाथ बनाकर दूध  के साथ पीने से हृदय रोग में बहुत लाभ होता है  विशेषताएं  ह्रदयगत रक...